दोस्तों , आप सभी को तो आज के इस ख़ास दिन के बारे में तो पता होगा। जी ,हाँ मैं बात कर रहा हूँ भारत के एक महान योगी ,विचारक के बारें में जिनका जन्मदिन हम आज National Youth Day (राष्ट्रीय युवा दिवस ) के रूप में मनाते है। मैं बात कर रहा हूँ स्वामी विवेकानंद जी के जिन्होंने अपने पुरे जीवन में लोगों के भलाई के सिवा कुछ नहीं सोचा।
आज हम उन्ही के बारे में कुछ और रोचक बातें जानेंगे और यह विचार करने की प्रयास करेंगे की आखिर उन्हें एक युवा के लिए इतना प्रेणादायक क्यों समझा जाता है , और हम सभी को उनसे क्या सीखना चाहिए।
विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। वैसे तो उनका बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्ता था।उनके पिता, विश्वनाथ दत्ता, कलकत्ता के उच्च न्यायालय में एक वकील थे। उनके परिवार का मौहाल काफी धार्मिक था। उनके दादाजी पेशे से संस्कृत और फ़ारसी के विद्वान थे परन्तु उन्होंने मात्र पच्चीस साल की उम्र में अपना परिवार छोड़ दिया और एक भिक्षु बन गए। उनके माता-पिता भी काफी धार्मिक स्वभाव के थे ,और यही मौहाल के कारण वे बहुत कम उम्र से ही आध्यात्मिकता में रुचि रखने लगे थे। वे बचपन से ही भगवान् शिव, राम, सीता और महावीर हनुमान जैसे देवताओं की छवियों के सामने ध्यान लगाते थे।
वे दर्शन, धर्म, इतिहास, सामाजिक विज्ञान, कला और साहित्य सहित विषयों के उत्साही पाठक थे। वेद, उपनिषद, भगवद गीता, रामायण, महाभारत और पुराणों सहित हिंदू शास्त्रों में भी उनकी काफी रुचि थी।
2 Comments
Hamaare Desh me in aise mahaan logon ki kami nhi hai,home bas unhe pehachaana chaaiye....विवेकानंद जी भी ऐसे व्यक्ति थे जो अपने जीवन सदेव दूसरे कि हीत के लिए कार्य किया है।#NationalYouthdDay
ReplyDeleteBoht badhiya.... Keep it up bro👍🏻
ReplyDeleteIf you have any doubt, let me know